भारतीय आईटी इंडस्ट्री, जो कभी देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ थी, आज अपने ही बनाए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण अस्तित्व के संकट से जूझ रही है. साल 2026 की शुरुआत में ही IT स्टॉक्स में 2.5 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट और TCS-Infosys जैसे दिग्गजों के घटते हेडकाउंट इस खतरे की तस्दीक करते हैं. यह लेख विस्तार से बताता है कि कैसे पारंपरिक 'लेबर-इंटेंसिव मॉडल' अब फेल हो रहा है और GitHub Copilot व ChatGPT जैसे टूल्स कोडिंग की दुनिया को बदल रहे हैं. साथ ही, हम उन क्षेत्रों पर भी चर्चा करेंगे जहां AI का जादू बेअसर है.
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